थैंक्स बिहारशरीफ@नहीं रोक सकी मजहब की दिवारे ,रामनवमी में एक साथ दिखी दो कौम की मोहब्बत

बिहारशरीफ।देश में जब एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की बात आएगी तो बिहारशरीफ का नाम सबसे ऊपर आएगा।जय श्रीराम के उदघोष के साथ निकला रामनवमी शोभायात्रा में मुस्लिम समुदाय ने आपसी भाई चारा का पैगाम दिया।मुसलमान भाइयों ने न सिर्फ अपने अपने इलाकों में रास्ता दिया बल्कि पानी पिलाकर भी उनका स्वागत किया। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के एक दिन बाद सोमवार को मंगल कुआं,बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित भव्य शोभा यात्रा में श्रद्धा, उल्लास और भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जय श्रीराम की आवाज से शहर गूंज उठी। आस्था का ऐसा ज्वार उमड़ा कि कण-कण में भगवान राम नजर आए। भक्ति-भाव का ऐसा संगम हुआ कि हर रामभक्त हनुमान बन गया और प्रभु के चरण में शीश नवाता रहा। सड़कों पर उमड़ी लगभग 25 हजार से अधिक भीड़ भगवान राम के प्रति अगाध श्रद्धा को प्रकट करने सड़को पर उतर पड़ी।शोभायात्रा में युवाओं के बीच ऐसा उल्लास था कि जयकारे और ताशे व बैंड बाजे की धुन कई किलोमीटर तक श्रद्धालुओं में भक्ती की शक्ति पिरो रही थी। थिरकती टोलियां रामनवमी में भक्ति का भाव भर रही थी।रामनवमी की शोभायात्रा में जब भगवान राम की सेना रामभक्तों के रूप में निकली तो श्रद्धा चरम पर पहुंच गई। जनसैलाब ऐसा उमड़ा कि बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शोभयात्रा में शामिल हो गए। नन्हे-मुन्ने श्रीराम एवं हनुमान का रूप धारण कर पहुंचे थे। भगवान की लीला देखने के लिए सड़क किनारे श्रद्धालुओं का हुजूम था। महिलाएं भी भव्य ऐतिहासिक जुलूस का गवाह बनने घर से निकल पड़ी थीं।

भक्ति गीतों से माहौल राममय हो गया था। सर पर पगड़ी,हाथ मे पारंपरिक हथियार लिए युवा जय श्री राम के नारों के साथ पूरे माहौल को राममय बनाते दिखे। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाने वाली संस्था एवं लोगों के समूह ने भी श्रद्धा का परिचय दिया।सभी के लिए पीने के लिए पानी व सरबत का इंतिज़ाम कर रखा था। भगवान श्रीराम की भक्ति ऐसी अनूठी है कि इसमें सब कुछ विलीन हो जाता है। यह नजारा शोभायात्रा में साफ दिख रहा था। वाहनों पर सजायी गयी धार्मिक प्रसंगों की झांकियां देखकर रामभक्तों के हाथ जुड़ रहे थे और खुद ब खुद जयघोष निकल रहे थे। रामनवमी के उल्लास में युवा वर्ग घंटों तक मुख्य शोभायात्रा मार्ग पर झूमता रहा। टोली एवं अखाड़ा के साथ निकली युवाओं की टोली ताशा एवं नगाड़े की धुन पर थिरकते हुए जयघोष कर रही थी। युवाओं के बीच छायी उमंग अन्य रामभक्तों की टोलियों का उत्साह बढ़ा रही थी। सड़कों के दोनों छोर पर खड़े अन्य युवा भी राम नाम की मस्ती के भागीदार बनने के लिए टोलियों में शामिल होते गए और देखते ही देखते मुख्य शोभायात्रा में उल्लास का माहौल कायम हो गया। भगवान श्रीराम एवं हनुमान की भक्ति सड़कों पर पसरी दिखी। जो जहां था वहीं से उल्लास के भाव को और तेज कर रहा था। कुछ थिरक कर तो कुछ जयकारे लगाकर। मुख्य शोभायात्रा मार्ग के चौक-चौराहों के पास समूह में एकत्र महिलाएं भी जयकारे लगा कर टोलियों का उत्साहवर्द्धन कर रही थीं।अगर धार्मिक सहिष्णुता के लिहाज से देखा जाए तो सचमुच आज राम सबके काम के हो गए।बिहारशरीफ की गलियों में दो कौम की मिल्लत ऐसा दिखा कि यकीन हो चला कि इस शहर की कौमी एकता को कोई हिला नही सकता।नज़र जिधर भी गयी बस भगवा व तिरंगा का कोलाज ही दिखा।

सूफी संतों की नगरी जय श्री राम जय श्री राम के नारों से गुंजायमान होता रहा। शोभायात्रा के दौरान पांच किलोमीटर सड़क मार्ग के परिधि में केसरिया झंडे व भगवा वस्त्र धारण किए राम भक्तों के जत्थे ही जत्थे नजर आ रहे थे।
जय श्री राम के नारों के साथ राम भक्तों ने मर्यादित तरीके से जुलूस को निकाला तो मुसलमान भाइयों ने हिन्दू धर्म का सम्मान करते हुए अपने अपने इलाकों में पानी का पियाऊ लगाकर शहर में अमन चैन व गंगा जमुनी तहजीब को धरातल पर उतारने की कोशिश की।इतनी भारी भीड़ देखकर सभी का पसीना छूट रहा था लेकिन डीएम व एसपी मुस्कुराते दिखे मानो उन्हें विश्वास था कि शहर न सिर्फ ऐतिहासिक जुलूस का इतिहास रचेगी बल्कि यहां के लोग कौमी एकता का बेंचमार्क ऐसा सेट करेंगे जो पूरे सूबे के लिए नजीर पेश करेगी।पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था व आम जनों के सहयोग की भावना ,आशंकाओं पर भारी दिखी।कांटा पर नदी मोड़,बड़ी दरगाह में जैसे ही जुलूस इंटर की वैसे ही अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपने लोगों को सड़क से हटकर अपने अपने घरों में रहने की अपील करते दिखे।जुलूस की शक्ल आखिरकार मणिराम बाबा के अखाड़े पर आकर खत्म हुई।भव्य आरती का आयोजन हुआ।डीएम डॉ.त्यागराजन,एसपी सुधीर कुमार पोरिका,नगर आयुक्त सौरभ जोरबाल ,डीएसपी सदर निशित प्रिया, डीएसपी प्रवेंद्र भारती, डीएसपी विजय कुमार,डीएसपी इमरान परवेज़,डीएसपी ज्योति प्रकाश,डीएसपी संजय कुमार,एसडीओ सुधीर कुमार,बीडीओ अंजन दत्ता व सभी पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की मेहनत व वरीय अधिकारियों की व्यवस्था की जितनी तारीफ की जाए कम होगी।इस जुलूस को लेकर कई दिनों से बैठकें की जा रही थी।पूरा प्रशासन सड़क पर दिखी।एसएसबी के जवान मुस्तैद दिखे।जुलूस के कारण यातायात पूरी तरह चरमरा गई थी।कई वार्ड के वार्ड पार्षद भी इस जुलूस को सफल बनाने में दिखे।


डीएम डॉ. त्यागराजन व एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने कहा कि शहरवासियों ने आज हमलोगों को जो इज्जत बख्शी है उसके लिए में इस शहर का शुक्रगुजार रहूंगा।लोगों ने गंगा जमुनी तहजीब की लाज रखी।


इस आयोजन में समाजसेवी रूमी खान,जदयू नेता मुन्ना सिद्दकी,वार्ड पार्षद वकील खान,रंजय वर्मा,पप्पू बनौलिया,वार्ड पार्षद पति जहांगीर,मो.गुलरेज ,मो.बम्मी का योजदान काफी सराहनीय रहा।सबसे खूबसूरत नजारा तब दिखा जब राम की रथ पर कई मुसलमान शामिल हुए।मानवीय पहचान का सफल परिणाम हर जनमानस को आपसी सौहार्द व मंगल कामना के लिए प्रेरणा का श्रोत बन गया हैं ।

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