मुशायरे ने दिया कौमी एकता का संदेश

बिहारशरीफ।स्थानीय बड़ी दरगाह स्थित मेला मैदान में बज़्मे ए अतहर द्वारा आयोजित अखिल भारतीय मुशायरा व अवार्ड फक्शन सेरेमनी में शायरों ने अपने कलाम के जरिए मुल्क को प्यार-मोहब्बत का पैगाम दिया। आवाम को कौमी एकता की माला में पिरोने की कोशिश की। सियासत और सियासियों पर तंज कसे। खबरदार किया कि सियासतदां मुल्क में नफरत फैला रहे हैं। इनकी नियत को अच्छी तरह पहचानों।कार्यक्रम का आगाज डीएसपी निशित प्रिया ने द्वीप प्रजवल्लित कर किया। इस मौके पर डीएसपी निशित प्रिया,मो.जसीमुद्दीन फिरदौसी ,जदयू नेता मनोज तांती ,कफील अहमद उर्फ बाबा ने सूरत पत्रिका के 13 वां अंक का विमोचन किया। इसके बाद डीएसपी ने जदयू नेता मनोज तांती को समाज रत्न,महमूद अशरफ को समाज रत्न,सैय्यद हामिद सोहेबि को सर सैय्यद अहमद अवार्ड,एस. एम शरफ़ को खादिम-ए-कौम मिल्लत अवार्ड,प्रो.सगीर को प्रोफेसर शफी अहमद अवार्ड,मो. इनायततुल्लाह को खादिम-ए-कौम मिल्लत अवार्ड,तबरेज हासमी को कलीम आजिज अवार्ड व अमानुल हक को खादिम-ए-कौम मिल्लत अवार्ड देकर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।इस मौके पर डीएसपी निशित प्रिया ने कहा कि अपने शहर की कौमी एकता व गंगा जमुनी तहजीब की जो परंपरा रही है उसे और मज़बूत करे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन की माध्यम से राष्ट्र प्रेम व कौमी एकता की भावना जागृत होती है ताकि इसकी पौध इतनी मज़बूत हो सके कि आने वाली पीढ़ी को हम अमन चैन विरासत में दे सके।उन्होंने आगे कहा, हमें ख़राब ज़हनियत को बदलना होगा, हमें सबको एक साथ लेकर चलना है, हमें उम्मीद ही नहीं यकीन है कि यह शहर बहुत दिन नफ़रत बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि यह हमारे मुल्क की मिट्टी के मिजाज़ के ख़िलाफ़ है।हमारे आपस के सदियों पुराने रिश्ते को कोई कुछ दिन में ख़त्म नहीं कर सकता। हमारा देश इसलिए विश्वगुरु कहलाता है क्योंकि हमारे पास पांच हज़ार साल पुरानी आपसी भाईचारे की संस्कृति है, सहनशीलता है, हमारी विचारधारा एक है।इतनी भाषाओं, मज़हब, अलग-अलग संस्कृति के बावजूद हम एक थे, एक हैं और हमेशा एक रहेंगे।दुनिया का कोई भी ऐसा देश बता दें जहां इतनी विभिन्नताओं के बाद भी इतनी संस्कृतियां एक साथ समाहित हैं।जदयू नेता मनोज तांती ने कहा कि रामनवमी से लेकर अभी तक जिस तरह जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने काम किया है वो काफी सराहनीय है।खासकर डीएम डॉ. त्यागराजन, पुलिस कप्तान सुधीर कुमार पोरिका के हम शुक्रगुजार है जिन्होंने काफी संयम से इस शहर को अफवाह की आग में जलने नहीं दिया।उन्होंने डीएसपी निशित प्रिया की तारीफ करते हुए कहा कि यह काफी मेहनती व सक्षम पदाधिकारी है।इसके बाद इक़बाल अख्तर ने अपने शेर से मुशायरे को आगे बढ़ाया। सगुफ्ता सहसरामी ने शायरी के जरिए अवाम को कौमी- एकता की माला में पिरोने की कोशिश की। तबरेज हासमी,इमरान रागिब,सईद अहसन,सुभाष चंद्र पासवान,सहर मजीदी,मुसलाउद्दीन काजिम व जमीलउद्दीन शाही ने सियासत और सियासियों पर तंज करते हुए मुल्क की आवाम को खबरदार किया कि सियासी अपने मफाद की खातिर नफरत फैला रहे हैं। इनकी नीयत को समझने की जरूरत है। शायरों ने अपने कलाम के जरिए भाई चारा और मुल्क में अमन चैन कायम रखने का पैगाम दिया।शायरों ने कहा कि डीएसपी निशित प्रिया जैसे अधिकारी कम ही मिलते है जिन्होंने अपना कीमती समय कौमी एकता के लिए दिया।ऐसे पदाधिकारी जिस शहर में होंगे उस शहर के कौमी एकता को कोई मिटा नहीं सकता। मुशायरे में डीएसपी निशित प्रिया भी ख़ोयी रही। शायरों के बार बार गुजारिश को ठुकरा नहीं पायी।बड़ी दरगाह,कटरा पर व नदी मोड़ के लोग डीएसपी की मौजूदगी से काफी खुश हुए और देर रात तक डटे रहे । मुशायरे की सदारत मो.तारिक मतीन ने की।मंच संचालन असर फरीदी ने की।इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में शहर के युवा समाजसेवी रूमी खान,बेनाम गिलानी, सलीम शारिब,नवनीत कृष्ण,असलम सैफी व मो.बम्मी का योजदान काफी सराहनीय रहा।

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