शुरू होगा वाइल्ड लाइफ सफारी का काम

-2019 तक पूरा होगा पहले फेज का काम,खर्च होंगे 56 करोड़
बिहारशरीफ।लोगों की पुरानी आदतों में एक घूमना एवं मौज मस्ती करना किसे अच्छा नहीं लगता। ऐसे में इको टूरिज्म लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प है। प्राकृतिक सौंदर्य एवं हरियाली के बीच छोटे-छोटे रिसोर्ट में रहना, पहाड़ों के बीच से गिरते झरने की आवाज, बंद सफारी गाड़ियों से जानवरों के अजीबोगरीब हरकतों को कैमरे में कैद करना ही इको टूरिज्म का नया कंसेप्ट है।आज यह कंसेप्ट विश्व के पर्यटन उद्योग का सबसे बड़ा उदाहरण उभर कर सामने आ रहा है जिसकी शुरुआत 1970 में अफ्रीका के केन्या से शुरू हुई थी ।नेशनल पार्क एवम वाइल्ड लाइफ सेंचुरी ने इस विकल्प को नया आयाम दिया। इसी क्रम में बिहार का राजगीर जो की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के लिए जाना जाता है इसके प्राकृतिक सौंदर्य, पहाड़ों की सुंदरता व हरियाली को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने पर्यटन प्रेमियों के लिए राजगीर में नई सौगात दी। मृग विहार में वाइल्ड लाइफ सफारी का निर्माण कार्य की योजना बनी जिसे पूरा करने की जवाबदेही कुमार हाइट्स,पटना को दी गयी है। पहले फेज में 56 करोड़ रुपए खर्च होने है। डीएफओ डॉ. नेशमनी की माने तो इसमें दो साल का वक़्त लगेगा। शेष कार्य दूसरे फेज में पूरा का लिया जाएगा।यानि काम अगर समय पर पूरा हुआ तो 2019 के अंत तक इसे पर्यटक प्रेमियों के लिए चालू कर दिया जाएगा। जब यह वाइल्ड लाइफ सफारी बन जाएगी तब लोग गाड़ी में बैठकर पशु-पक्षियों को खुले में विचरण करते देख सकेंगे। हिरण, भालू, चीता, बाघ, शेर, तितली सहित अन्य शाकाहारी जानवर भी रखे जाएंगे। इसके निर्माण होने के बाद दुनिया भर के पर्यटकों का आकर्षण काफी बढ़ जाएगा। निर्माण में इस बात का भी ख्याल रखा जाएगा कि इसे इको फ्रेंडली और पूरी तरह प्राकृतिक सौंदर्य को बरकरार रखते हुए पूरा किया जाए। सफारी जोन 14700 हेक्टेयर में फैला होगा जिसमें शाकाहारी सफारी 65.62 हेक्टेयर,भालू सफारी 20.62 हेक्टेयर,चिता सफारी 20.63 हेक्टेयर,बाघ सफारी 20.50 हेक्टेयर,शेर सफारी 20.54 हेक्टेयर,पार्किंग जोन 1.70 हेक्टेयर,रिसेप्शन एवं ओरिएंटेशन जोन 3.30 हेक्टेयर,वाटर वर्ड एरियरी जोन 10.75 हेक्टेयर,मैनेजमेंट जोन 8 हेक्टेयर ,खुला मैदान 20 हेक्टेयर में होगा।इतना ही नहीं यहां हर मौसम में पानी उपलब्ध रहेगा। सोलर पम्प के माध्यम से पानी की व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय लोगो ने कहा कि इस प्रयास से जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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