मजदूरी के दलदल में फंसे 19 बच्चे कराए गए मुक्त

बिहारशरीफ।बचपन, इंसान की जिंदगी का सबसे हसीन पल, न किसी बात की चिंता और न ही कोई जिम्मेदारी। बस हर समय अपनी मस्तियों में खोए रहना, खेलना-कूदना और पढ़ना। लेकिन सभी का बचपन ऐसा हो यह जरूरी नहीं।आज जिस तरह श्रम विभाग ,बिहार थाना व लहेरी थाना ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर अलीनगर स्थित मोमबत्ती फैक्ट्री से 19 मासूमों को बाल मजदूरी के दलदल से बाहर निकाला उससे इन मासूमों को जीने की नयी राह जरूर मिलेगी।ऐसा नहीं है कि बाल मजदूरी की समस्या से हम वाकिफ नहीं है।बाबजूद इसके कुछ लोग गरीबी, लाचारी का फायदा उठाकर बच्चों से मजदूरी करवाने से बाज नहीं आते और इन बच्चों का समय स्कूल में कॉपी-किताबों और दोस्तों के बीच नहीं बल्कि होटलों, घरों, उद्योगों में बर्तनों, झाड़ू-पोंछे और औजारों के बीच बीतता है।बड़े शहरों के साथ-साथ आपको छोटे शहरों में भी हर गली नुक्कड़ पर कई राजू-मुन्नी-छोटू-चवन्नी मिल जाएंगे जो हालातों के चलते बाल मजदूरी की गिरफ्त में आ चुके हैं। और यह बात सिर्फ बाल मजदूरी तक ही सीमि‍त नहीं है इसके साथ ही बच्चों को कई घिनौने कुकृत्यों का भी सामना करना पड़ता है। जिनका बच्चों के मासूम मन पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ता है।नालंदा के श्रम अधीक्षक ने बताया कि श्रम आयुक्त को सूचना मिली थी कि प्रसाद कैंडिल वर्क्स मोमबत्ती फैक्ट्री में भारी संख्या में बाल मजदूरों से काम लिया जा रहा है। सूचना के आधार पर इस फैक्ट्री में छापेमारी की गयी, जहां से 19 बाल मजदूरों को काम करते मुक्त कराया गया।दरअसल, दीपावली को लेकर इस फैक्ट्री में मोमबत्ती का निर्माण किया जाता है। मोमबत्ती के पैकिंग के लिए संचालक द्वारा बाल मजूदरों को लगाया गया था ताकि कम मजदूरी में अधिक काम हो सके। मुक्त कराए गए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। मुंशी साब का पुत्र संजय कुमार को छापेमारी दल ने गिरफ्तार कर लिया।

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