भगवान महावीर के संदेश के बूते विश्व कल्याण संभव- मुख्यमंत्री

बिहारशरीफ। भगवान महावीर के उपदेशों के अनुकरण एवं आत्मसातीकरण से ही मानवता का कल्याण हो सकता है। उनका अहिंसा परमो धर्मः एवं जीओ और जीने दो का संदेश आज और अधिक प्रासंगिक हो गया है। हमलोगों को उनके बताये मार्ग पर चलने की जरूरत है। उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर के 2543 वें निर्वाण दिवस के मौके पर पहली बार आयोजित पावापुरी महोत्सव पर कही।उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास मानवता का इतिहास रहा है। हमलोगों को सभी धर्मों के प्रति श्रद्धा रखनी चाहिए।नालंदा की धरती सर्वधर्म सम्भाव का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है। भगवान बुद्ध एवं महावीर की इस धरती पर आने वाले लोग पूरी दुनिया में प्रेम एवं शांति का संदेश फैलायें, ऐसी हम आशा करते हैं। दुनिया में अनेक तरह के विवाद एवं संघर्ष चल रहे हैं, पर संघर्ष से किसी समस्या का समाधान नहीं होता है। उन्होंने लोगों को शांति एवं सद्भाव से जीने की अपील की।उन्होंने कहा कि महावीर ने कितना अच्छा संदेश दिया कि प्रेम,प्रीत की शिक्षा,वही धर्म हमारा संबल हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में पावापुरी मेडिकल कॉलेज अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो इसके लिए सरकार कृतसंकल्पित है।इस मौके पर उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग शराबबंदी की तरह दहेज प्रथा व बाल विवाह का विरोध करे।कानून बनाना सरल है लेकिन इसे सफल बनाने के लिए जन चेतना की ज़रूरत है।आपलोग प्रण करे कि जिस घर मे लोग दहेज लेंगे उनके यहां आयोजित विवाह में कोई भाग नहीं ले। उन्होंने कहा कि यह  महोत्सव भगवान महावीर के सिद्धांतों को जन-जन तक फैलाने में सहायक होगा।इस मौके पर जैन धर्म गुरु लोकेश मुनि ने मुख्यमंत्री की तारीफ की।उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गृहस्थ भेष में सन्यासी है।वो कर्मणा जैन है। शराबबन्दी जैसे फैसले लेना किसी आम आदमी के बस में नहीं है।जैन धर्म नीतीश कुमार के हर अभियान के साथ खड़ी है।इस मौके पर मंत्री श्रवण कुमार,मंत्री शैलेश कुमार ने भी अपने विचार रखे।निर्वाण दिवस के मौके पर पहली बार मनाया जा रहा पावापुरी महोत्सव का व्यापक एवं आकर्षक स्वरूप देखने को मिला।पूरे कार्यक्रम स्थल को दुल्हन की तरह सजाया गया था।दोपहर बाद ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया।पहली बार इसे राजकीय स्वरूप देने की पहल की गयी।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले आयोजन स्थल स्थित मैदान में लगे स्टॉल्स का निरीक्षण किया।सभी प्रमुख बैंक,सुधा,जीविका,नगर निगम,नालंदा अंतरराष्ट्रीय विवि,पावापुरी मेडिकल कॉलेज का स्टाल्स लगाया गया था जिसे देखकर मुख्यमंत्री काफी खुश दिखे।शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें भारत के प्रसिद्ध गायक अल्ताफ राजा व हेमंत बृजवासी के तराने से पावापुरी की गलियां झूम उठी।सीएम के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतिज़ाम किए गए थे।डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम व पुलिस कप्तान सुधीर कुमार पोरिका व पूरा पुलिस महकमा सीएम के आगमन को लेकर काफी एक्टिव दिखे।जैन कमिटी ने सीएम का स्वागत भव्य तरीके से किया।बाजे गाजे के साथ सीएम के कारकेड को समारोह स्थल तक लाया गया।सीएम नीतीश कुमार ने पावापुरी महोत्सव का उद्घाटन द्वीप प्रज्जवलित कर किया।जिसके बाद मंगलाचरण की प्रस्तुति की गयी।आदर्श मध्य विद्यालय पावापुरी में बाल विवाह एवं दहेज निषेद्य विषय पर आधारित रंगोली, मेहंदी पेंटिंग व अन्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने जैन मंदिर में पूजा किया। मुख्यमंत्री द्वारा महावीर स्वामी पर आधारित जीवंत प्रदर्शनी का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे जैन धर्म गुरु लोकेश मुनि,मंत्री श्रवण कुमार, कृष्ण कुमार, सांसद कौशलेन्द्र कुमार,मंत्री शैलेश कुमार,मंत्री श्रावण कुमार,डॉ. जितेन्द्र कुमार,चन्द्रसेन प्रसाद, रवि ज्योति कुमार, एमएलसी हीरा प्रसाद बिन्द, रीना यादव, सुरेन्द्र कुमार अध्यक्ष जैन श्वेताम्बर भंडार तीर्थ, पावापुरी, पराग जैन मानद मंत्री बिहार स्टेट, दिगम्बर जैन क्षेत्र कमेटी के अलावा अन्य माननीय मौजूद थे।पावापुरी महोत्सव भले ही पहली बार मनाया गया लेकिन पावापुरी में भगवान महावीर के निर्वाण उत्सव के अवसर पर सदियों से यहां मेला लगते आ रहा है।पहली बार महोत्सव के आयोजन होने के बाबजूद भी भीड़ में कमी नहीं दिखी।

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