जयंती पटेल की,निशाने पर रहा कांग्रेस

बिहारशरीफ। लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 142 वीं जयंती पर जिले में पहली बार सरदार पटेल विचार मंच के तत्वाधान में स्थानीय श्रम कल्याण मैदान में जाती की बंधन टूटती दिखी। तयशुदा कार्यक्रम से डेढ घंटे बिलंब से शुरू हुए इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी,जदयू संसदीय दल के नेता व राज्य सभा सदस्य आरसीपी सिंह,स्थानीय विधायक डॉ. सुनील कुमार,जदयू के प्रवक्ता सह एमएलसी नीरज कुमार व राजगीर विधायक रवि ज्योति ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि लौह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे व्यक्तित्व देश में बिरले ही पैदा होते है। भले ही कांग्रेस को उन्हें भारत रत्न देने में 41 साल लगे लेकिन एक बात मैं कहना चाहूंगा कि सरदार पटेल को भारत रत्न देने से भारत रत्न का सम्मान बढ़ा।उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर नेहरू की जगह देश के प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ पटेल होते तो आज कश्मीर में विवाद नहीं होता।उन्होंने कहा कि आज पटेल के विचारों पर चलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशहित में नोटबंदी,जीएसटी जैसे कड़े निर्णय लिए।बिहार में सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी,दहेजप्रथा व बालविवाह के खिलाफ कड़े निर्णय लिए।आज सचमुच देश को इन दोनों राजनेताओं से सीख लेने की ज़रूरत है। अगर सरदार पटेल ने कड़े निर्णय लिए होते तो सोमनाथ मंदिर आज भव्य रूप में आपके सामने नहीं होता।कांग्रेस तो वंशवाद करती है।देश की राजधानी में एक भी मूर्ति सरदार पटेल की नहीं दिखती।यह कितने दुख की बात है।वही आरसीपी सिंह ने कहा कि देश को प्रधानमंत्री का शुक्रगुजार होना चाहिए जिन्होंने 182 मीटर लंबी मूर्ति स्थापित कर इसे देश की एकता का प्रतीक बनाने की कोशिश की।सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर पीएम ने सरदार पटेल को सेंटर स्टेज पर लाकर खड़ा कर दिया। आज बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस बात की तकलीफ है।उन्होंने तंज भरे लब्जो में कहा कि मुझे पता नहीं ममता बनर्जी का इतिहास कितना मज़बूत है लेकिन मैं उनको बता दूं कि अगर सरदार पटेल नहीं होते तो बंगाल पाकिस्तान का हिस्सा होता।बंगाल,पंजाब व आसाम को पाकिस्तान का हिस्सा होने से पटेल ने ही रोका था।उन्होंने कहा कि बारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व करने वाले वल्लभ भाई को वहां की महिलाओं ने ‘सरदार’ की उपाधि से नवाजा।सरदार पटेल को 562 रियासतों को भारतीय गणराज्य में मिलाने का श्रेय जाता है। उन्होंने ही गुजराती किसानों को कैरा डिस्ट्रक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन बनाने के लिए प्रेरित किया, जो बाद में अमूल बनी।देश के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री पटेल को आईएएस, आईपीएस और केंद्रीय सेवाओं का जनक कहा जाता है।सरदार पटेल अपने शुरुआती दिनों में एक वकील भी थे।आजादी से पहले तय हो चुका था कि कांग्रेस का अध्यक्ष ही देश का प्रधानमंत्री होगा। लेकिन महात्मा गांधी ने उन्हें मना कर दिया था।उन्होंने कांग्रेस नेता कृपलानी के उस पुर्जे का भी जिक्र किया जिसपर उन्होंने लिखा कि गांधी जी की इच्छा है कि नेहरू ही देश के प्रधानमंत्री बने। उन्होंने साल 1950 में प्रधानमंत्री नेहरू को पत्र लिखकर चीन से आगाह रहने की सलाह दी थी। दुर्भाग्य से पंडित नेहरू इस खतरे को भांप नहीं पाए। भारत को साल 1962 में युद्ध का सामना करना पड़ा। भारत के वर्तमान भौगोलिक स्वरूप का श्रेय काफी हद तक उन्हें ही जाता है।वे राजनीति के साथ-साथ कूटनीति में भी माहिर माने जाते थे।जब कश्मीर भारत का हिस्सा बन चुका था बाबजूद उसके पण्डित नेहरू ने इसे यूएनओ के सामने विवाद बताकर पेश किया जो आजतक विवाद ही राह गया।पटेल जी के मना करने के बाद भी नेहरू ने अपनी मनमानी की।1945 में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री चर्चिल की चाल ही थी कि उन्होंने देश को तीन हिस्से में बांटने की कोशिश की।हिन्दुतान,पाकिस्तान व किनगिस्तान लेकिन पटेल से इसे कामयाब होने नहीं दिया।पटेल ने हमेशा देश हित में काम किया। पटेल दूरदर्शी थे। आज तिब्बत से लेकर नार्थ ईस्ट एक खतरे के रूप में सामने है।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते है किसानों का कर्ज माफ करो। मैं पूछता हूँ कि माफ क्यों,उन्हें सशक्त क्यों न किया जाए। उन्हें ऐसा क्यों न बनाया जाए कि उन्हें कर्ज लेना न पड़े। उन्होंने कहा कि एक तरफ डॉ. सुनील कुमार जैसे पढ़े लिखे व काबिल विधायक है और दूसरी तरफ हाई स्कूल फेल भी शासन करने का ख्वाब देखता है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है।राजगीर विधायक रवि ज्योति पहले पुलिस में थे लेकिन काम की सोहरत ने उन्हें विधायक बना दिया।पूर्व विधायक राजीव रंजन पर मस्ती भरे लहजों में कहा कि उनको देखकर सुकून मिल गया कि अब अखबार में खबर व फ़ोटो ज़रूर छपेगी।एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि सरदार पटेल के विचारों को अपने अंदर उतारने की ज़रूरत है।आज के नेता अपने लिए धन अर्जित करने में जुटे है। समाज की चिंता पहले होनी चाहिए। धैर्य की ज़रूरत है। भ्रटाचार को जड़ से उखाड़ फेंके। विधायक डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि पहले पटेल जी की जयंती गांव व कस्बों में मनायी जाती थी आज इसका स्वरूप भव्य हो गया।इसका श्रेय पटेल विकास मंच के सभी सदस्यों को जाता है जिन्होंने महीने भर मेहनत कर इसे सफल बनाया।इस मौके पर राजीव रंजन पटेल,अमरकांत भारती, अविनाश मुखिया, कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया,अनिरुद्ध कुमार व भोला सिंह ने भी अपने विचार रखे।

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