अखिलेश ने साइकिल तो ले ली,लेकिन उनका अनुमान लगाना मुश्किल !

रजनीकांत:कल मेरी बात वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत सिंह से हो रही थी।राजनीतिक खबर उतने ढंग से नहीं लिख पाता हूँ।यूपी चुनाव व अखिलेश को लेकर जब उनसे पूछा तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि एक बाप के तौर पर मुलायम सबसे खुशकिस्मत होंगे।आखिर बेटे ने इस धुरंधर खिलाड़ी को सार्वजनिक तौर पर मात दे दी।तमाम अंतरविरोधों ,तमाम प्रत्यक्ष विरोधों (अमर सिंह,शिवपाल यादव,अतीक अहमद,मुख़्तार अंसारी) के बावजूद राजनैतिक तौर पर तो अखिलेश जीत गए,पर यूपी का समाज क्या उन्हें बहैसियत बेटा जीता हुआ देखना चाहेगा ?यही सवाल चुनाव आयोग के फैसले ने खड़ा कर दिया है।क्या अखिलेश को यूपी का समाज जिनके मन में रूढ़िवादिता हावी है, हारे हुए बाप के जीते हुए बेटे की तरह स्वीकार कर पाएगा, यह बहुत बड़ा सवाल है?

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